Contact Information / सम्पर्क जानकारी

C-125,1st Floor,Sector-02 Noida,Uttar,Uttar Pradesh - 201301

Call Us / सम्पर्क करें

कोलकाता: पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा को मिली हार के बाद टीएमसी से भाजपा में आए कुछ नेता अब टीएमसी में वापसी करने चाहते है। ऐसे में भाजपा को अब एक बड़ा झटका लगने वाला है। दरअसल भाजपा के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय अपने बेटे सुभ्रांशु रॉय के साथ टीएमसी में वापस जा सकते है। सूत्रों के अनुसार आज शाम मुकुल रॉय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पार्टी मुख्यालय में मुलाकात करेंगे।

भाजपा से टीएमसी की तरफ दोबारा लौट रहे नेताओं की अटकलों ने अब तूल पकड़ लिया है। दरअसल भाजपा के बड़े नेता मुकुल रॉय अब टीएमसी में वापसी करने वाले हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा में शुभेंदु अधिकारी के बढ़ते वर्चस्व के कारण मुकुल रॉय काफी परेशान है। इसी कारणवश वह दोबारा टीएमसी में शामिल होना चाहते है। हालांकि पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के बाद से ही मुकुल रॉय के टीएमसी में वापसी की खबरें आ रही थी। तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत रॉय ने स्वयं इस बात की जानकारी दी थी कि ऐसे बहुत से लोग है जो टीएमसी में दोबारा शामिल होना चाहते हैं, वे लोग अभिषेक बनर्जी से संपर्क साधे हुए हैं। नेता सौगत रॉय ने कहा था कि उनके हिसाब से अब पार्टी को सॉफ्टलाइनर और हार्डलाइनर जैसे दो भागों में बांटना होगा। सॉफ्टलाइनर वो लोग है जिन्होंने पार्टी छोड़कर कभी ममता बनर्जी का अपमान नहीं किया जबकि हार्डलाइनर वो लोग हैं जिन्होंने ममता बनर्जी के बारे में सार्वजनिक रूप से बयान दिए है। हालांकि मुकुल बनर्जी को सॉफ्टलाइनर कहा जाएगा क्योंकि मुकुल ने कभी निजी तौर पर ममता बनर्जी पर कोई आरोप नहीं लगाया।

बता दें कि कोलकाता में कुछ दिनों पहले हुई भाजपा की बैठक में मुकुल रॉय शामिल नहीं हुए थे। हालांकि भाजपा के इसपर कहा था कि मुकुल रॉय का स्वास्थ्य कुछ ठीक नहीं है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अभिषेक बनर्जी के साथ मुकुल रॉय की पत्नी की तबियत का हाल लेने अस्पताल पहुंचे थी। इन्हीं बातों से अनुमान लगाया जा रहा है कि मुकुल रॉय भाजपा छोड़कर टीएमसी में शामिल होने वाले हैं।

गौरतलब है कि मुकुल रॉय 1998 से ही बंगाल की राजनीति में है और टीएमसी में ममता बनर्जी के बाद दूसरे नंबर पर आते थे। लेकिन उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में तृणमूल कांग्रेस से 6 साल के लिए निष्काषित कर दिया गया था। जिसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा ने उनके बेटे सभ्रांशु रॉय को भी टिकट दिया था लेकिन वह चुनाव हार गए थे।

 

 

Share:

administrator

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *