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जमुई: लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को निशाने पर लिया है। चिराग पासवान अपने आशीर्वाद यात्रा के नौवें चरण पर हैं और इस दौरान उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मीडिया ने जब जातिगत जनगणना को लेकर चिराग से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पूर्ण रूप से जातिवादी विचारधारा के हैं। एक मुख्यमंत्री की यह नैतिक ज़िम्मेदारी होती है कि वे राज्य को एक साथ लेकर चलें, सभी जातियों को एकजुट रखें लेकिन नीतीश कुमार लोगों को जातियों में विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं।

अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चिराग पासवान ने पटना-दिल्ली तेजस ट्रेन के बनियान और अंडरवियर में घूमने वाले जदयू विधायक गोपाल मंडल को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दलित को महादलित और पिछड़ों को अति पिछड़ा कर देते हैं तो उनके विधायक भी ऐसी ही सोच रखते हैं और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हैं। इस तरह की चीज़ें उनकी जातिवादी मानसिकता को दर्शाती है। विधायक गोपाल मंडल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। चिराग ने आगे कहा कि विधायक गोपाल मंडल को सत्ता का घमंड है और यही वजह है कि कि वे सत्ता के नशे में जाति सूचक जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस दौरान चिराग ने एनडीए गठबंधन पर भी हमला बोल दिया। चिराग ने बताया कि नीतीश कुमार उनसे व्यक्तिगत तौर पर काफी नाराज चल रहे हैं। नीतीश कुमार उनका फोन नहीं उठाते और न ही मिलने का समय देते हैं। चिराग ने कहा कि मैंने तो केवल उनकी नीतियों का विरोध किया और हमेशा निष्पक्ष होकर बोला है। नीतीश कुमार ने मेरी पार्टी और मेरा परिवार तोड़ दिया। चिराग ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल का मेरा परिवार तोड़ने का कोई अर्थ नहीं निकलता। आप मेरी नीतियों का विरोध करें, जिस तरह से मैं नीतीश कुमार की सात निश्चय योजना का विरोध करता हूँ। मेरा मानना है कि जल-नल बनाने से किसी राज्य में विकास नहीं होता। चिराग ने कहा कि आखिर नीतीश कुमार ने इन 15 सालों में क्या किया है? अब तक तो शहर की सड़कें भी सही हो जानी चाहिए थी लेकीन ऐसा नहीं हुआ। अब तक हर घर में जल-नल पहुंचना चाहिए था लेकिन यह भी नहीं हुआ। यह सब सरकार की विफलताएं हैं। बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य सरकार के एजेंडे में शामिल होने चाहिए थे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। यही कारण है कि मैंने इनका विरोध जताया।

चिराग पासवान ने अपनी पार्टी में चल रहे घमासान को लेकर कहा कि अब निर्णय चुनाव आयोग के हाथ में है। चुनाव आयोग ही यह फैसला लेगा कि कोई भी चुनाव चिन्ह या पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष होने और ईडी फॉर्म पर हस्ताक्षर करने का अधिकार कौन रखता है। फिलहाल चुनाव चिन्ह को लेकर कोई मतभेद नहीं हैं। चिराग ने कहा कि किसी भी पार्टी की पहचान वास्तव में उसकी नीतियों और उसके नेता से होती है। मेरे नेता मेरे पिता हैं, रामविलास पासवान हैं, जिन्होंने 50 साल बिहार के विकास में झोंक दिए। मैं उनका हिस्सा हूँ और उनकी ही नीतियों पर चलूंगा।

 

 

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