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लखनऊ: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक दल अभी से सक्रिय हो गए हैं और अपनी-अपनी चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। इस दौरान भाजपा बड़ी जीत हासिल करते हुए उत्तर प्रदेश की सत्ता में पुनः प्रवेश करना चाहती है। जिसके मद्देनजर विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा दिग्गज नेताओं को मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। दरअसल 2022 के विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए BJP ने इस बार प्रदेश की कुल 403 सीटों में से 300 सीटों पर चुनाव जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

जानकारी के मुताबिक भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई दिग्गज नेताओं को चुनावी मैदान में उतारा जाएगा। इस लिस्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य, दिनेश शर्मा, महेंद्र सिंह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का नाम भी शामिल है। BJP प्रदेश में अपना नेतृत्व बनाए रखने के लिए हर तरह की तैयारी में जुटी हुई है। एक के बाद एक नेता प्रदेश का दौरा कर रहे हैं। पिछले दिनों ही बीएल संतोष और राधामोहन सिंह ने प्रदेश का दौरा किया था। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य दिग्गज नेता भी विधान परिषद के सदस्य हैं और अब इनका कार्यकाल भी समाप्ति की ओर है। अगले साल सितंबर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ दोनों उपमुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल भी समाप्त हो जाएगा। यही कारण है कि भाजपा इन दिग्गज नेताओं को विधानसभा चुनाव में उतारना चाहती है जिससे आसपास की विधानसभा सीटें सुरक्षित ज़ोन में आ जाएं। इसके तहत ही जानकारी है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2022 का चुनाव अयोध्या सीट से लड़ सकते हैं। इसके अतिरिक्त उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कौशांबी के सिराथू सीट से चुनाव लड़ने की खबर है। इसी कड़ी में डॉ दिनेश शर्मा लखनऊ की पश्चिमी सीट से और कैबिनेट मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से चुनाव लड़ेंगे। इसी तरह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह बुंदेलखंड की किसी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।

वहीं, सीएम योगी के अयोध्या से चुनाव लड़ने की बात करें तो उनके लिए अयोध्या के विधायक अपनी सीट छोड़ने के लिए तैयार हैं। अयोध्या के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता का कहना है कि वह सीएम योगी के लिए अपनी खुशी से विधायक सीट छोड़ने के लिए तैयार हैं और ये उनके लिए सौभाग्य की बात होगी। उन्होंने आगे कहा कि मैं साल 2017 से ही इंतेज़ार में हूं और मैंने तभी कहा था कि अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनने के लिए अयोध्या से चुनाव लड़ना चाहते हैं तो यह हमारा सौभाग्य होगा।

गौर करने वाली बात यह है कि एक तरफ जहां भाजपा चुनावी तैयारियों में जमकर मेहनत में जुटी है वहीं दूसरी तरफ सपा, बसपा और कांग्रेस भी सियासी खेल खेलने में लगे हैं। एक तरफ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं तो वहीं दूसरी तरफ बसपा भी ब्राह्मण वोट बटोरने की राजनीति कर रही है।

 

 

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