Contact Information / सम्पर्क जानकारी

C-125,1st Floor,Sector-02 Noida,Uttar,Uttar Pradesh - 201301

Call Us / सम्पर्क करें

नई दिल्ली: कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण लोग भटकते नज़र आए। बड़े-बड़े अस्पतालों में भी ऑक्सीजन की किल्लत देखने को मिली। स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक ऑक्सीजन ऑडिट टीम का गठन किया था जिसकी आरंभिक रिपोर्ट पेश की गई है। रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली सरकार द्वारा ऑक्सीजन संकट को लेकर किए गए दावों पर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली सरकार ने ज़रूरत से चार गुना अधिक ऑक्सीजन की मांग की थी।

ऑक्सीजन ऑडिट टीम की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली सरकार को उस समय 300 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता थी लेकिन सरकार ने 1200 मीट्रिक टन के लिए हंगामा मचा रखा था। रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली सरकार की इसी मांग की वजह से देश के लगभग 12 राज्यों में ऑक्सीजन की कमी हुई थी। इसका कारण यह था कि मांग के अनुसार दिल्ली में ऑक्सीजन की अतिरिक्त सप्लाई की जा रही थी। वहीं टास्क फोर्स ने एक सुझाव देते हुए कहा कि देश में ऑक्सीजन बनाने के लिए एक नीति होना आवश्यक है। ऑक्सीजन के निर्माण की व्यवस्था बड़े शहरों के आसपास होनी चाहिए ताकि यहां से 50 प्रतिशत तक की सप्लाई की जा सके। टास्क फोर्स ने इसके लिए दिल्ली और मुंबई को प्राथमिकता देने की बात भी कही। टास्क फोर्स ने कहा कि 29 अप्रैल से 10 मई के बीच कुछ अस्पतालों में डाटा सुधारा गया है। दिल्ली सरकार ने उस समय 1140 MT ऑक्सीजन की मांग की थी हालांकि सुधार के बाद यह डाटा केवल 209 MT ही पहुंचा।

दरअसल कोरोना की दूसरी लहर के बीच दिल्ली में ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार मचा हुआ था। इस दौरान दिल्ली के अस्पतालों में भी ऑक्सीजन की किल्लत हो गई थी। जिसके बाद दिल्ली के अस्पतालों ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से मदद मांगी थी। अस्पतालों ने ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ाने को लेकर अपील की थी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एक 12 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया और उन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता, वितरण और सप्लाई पर ऑडिट रिपोर्ट देने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित टास्क फोर्स में देश के सुप्रसिद्ध डॉक्टर्स और दो सरकारी अधिकारी शामिल थे। फोर्स को सुप्रीम कोर्ट द्वारा 6 महीने का समय दिया गया था, लेकिन बीच-बीच में रिपोर्ट देने की बात भी कही गई थी। कोर्ट ने फोर्स को ऑक्सीजन व्यवस्था के सुचालन और सुधार के लिए सुझाव भी मांगे थे।

 

 

Share:

administrator

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *