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नई दिल्ली: UK में कोरोना की तीसरी लहर का खतरा साफ दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ दिनों से वहां नए मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। हालांकि टीकाकरण के कारण पिछली लहर के मुकाबले अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज़ों की संख्या काफी कम है। इसके साथ ही कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या में भी कमी आई है। किंतु भारत के लिए ये बड़े चिंता का विषय है, क्योंकि भारत में अभी टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और इसकी रफ्तार भी धीमी है।

कुछ समय से बढ़ते कोरोना के मामले UK के लिए खतरे के संकेत दे रहे हैं। दरअसल यूके में कोरोना के B.1.617.2 वेरिएंट के कारण कोरोना संक्रमण तेज़ी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो यह कोरोना की तीसरी लहर के संकेत है। चिंता का विषय तो ये है कि ये वेरिएंट तब तेज़ी से फैल रहा जब यूके में वैक्सीनेशन कवरेज भली भांति हो रही हैं। बता दें कि UK में 3.8 करोड़ लोगों को वैक्सीन की पहली डोज़ दी जा चुकी है और 2.4 करोड़ लोगों को दोनों डोज़ लगाई जा चुकी है।

वैक्सीनेशन के बावजूद तेज़ी से फैलता कोरोना संक्रमण ये सवाल खड़े कर रहा है कि क्या टीकाकरण कोरोना संक्रमण को रोक पाने में असफल है? यूके के अस्पतालों में भर्ती होने वालों मरीज़ों की संख्या पिछले वैरिएंट की तुलना में भले ही कम है लेकिन सच तो ये है कि कुछ दिनों से अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पिछले एक हफ्ते में ये संख्या कहीं 20 प्रतिशत तो कहीं 25 प्रतिशत और कहीं इससे अधिक तक बढ़ गई है। वहीं स्कॉटलैंड स्थित एनएचएस अस्पताल के डॉक्टर अविरल वत्स का कहना है कि केस बढ़ने का कारण लॉकडाउन का खुलना है जबकि अभी जून में आखिरी फेज का अनलॉक होना शेष है।

वैक्सीनेशन के संदर्भ में डॉ.वत्स का कहना है कि वैक्सीनेशन के कारण ही बुजुर्गों में संक्रमण कम हो रहा है, ये सच है कि अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है लेकिन ये पिछले वेरिएंट की अपेक्षा कम है इसके साथ ही कोरोना से हुई मौतों की संख्या में 60-70 प्रतिशत तक कि कमी आई है। डॉ. वत्स ने आगे कहा कि ऐसा माना जा रहा है कि UK में लगभग 75 प्रतिशत मामले नए वेरिएंट के कारण आ रहे है और इस बार अधिकतम युवा वर्ग संक्रमित हो रहा है। इसका कारण ये है कि अधिकतर युवाओं का टीकाकरण नहीं हुआ है। टीकाकरण संक्रमण नहीं रोक रहा लेकिन तीसरे लहर के खतरे को कम कर रहा है।

फिलहाल सवाल ये है कि यूके में फैल रहे कोरोना का तीसरा स्ट्रेन क्या भारत के लिए भी चिंता का विषय है? यूके के अनुसार तीसरे संक्रमण से युवा अधिक प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में भारतीय एक्सपर्ट्स भी इस विषय पर हामी भर चुके हैं। भारत के लिए कोरोना की तीसरी लहर विशेष रूप से चिंता का विषय है क्योंकि भारत में टीकाकरण की रफ्तार काफी धीमी है। देश मे अब तक 20 करोड़ लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है। जिनमें से केवल 4 करोड़ लोगों को ही वैक्सीन की दोनों डोज़ दी गई है।

 

 

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