Contact Information / सम्पर्क जानकारी

C-125,1st Floor,Sector-02 Noida,Uttar,Uttar Pradesh - 201301

Call Us / सम्पर्क करें

पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर जातिगत जनगणना का मुद्दा बाहर आ गया है। इस मुद्दे को लेकर तेजस्वी यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोल दिया है। तेजस्वी यादव ने जातिगत जनगणना को लेकर केंद्र सरकार से सवाल पूछे हैं। अपने एक बयान में उन्होंने कहा कि भाजपा बिहार के दोनों सदनों में जातीय जनगणना का समर्थन करती है, लेकिन संसद में बिहार की ही कठपुतली केवल पिछड़े वर्ग के राज्यमंत्री से जातीय जनगणना न करवाने की घोषणा करवाती है। आखिर क्यों केंद्र सरकार ओबीसी की जनगणना नहीं करवाना चाहती? और भाजपा को पिछड़े वर्गों से इतनी नफरत क्यों हैं?

तेजस्वी यादव ने अपने बयान में आगे कहा कि जनगणना में तो जानवरों को भी गिना जाता है। कुत्ते, बिल्ली, हाथी, घोड़ा, शेर, सियार यहां तक कि साइकिल और स्कूटर भी गिन लिए जाते हैं। लोगों के धर्म और उस धर्म को मानने वाले कितने हैं, इन सभी की भी गणना की जाती हैं। लेकिन आखिर ओबीसी और पिछड़े समूहों की जनगणना में क्या समस्या है? इनकी गणना करने के लिए जनगणना के फॉर्म में सिर्फ एक कॉलम ही तो जोड़ना है। इसके लिए कोई खर्च भी नहीं होगा जिससे सरकार पर वित्तीय बोझ पड़े। तेजस्वी ने आगे सवाल करते हुए कहा कि अगर पिछड़े वर्ग की संख्या ही पता नहीं होगी तो आखिर कल्याण संबन्धी योजनाएं कैसे बनाई जाएंगी? भला उनकी सामाजिक राजनीतिक और शैक्षणिक और आर्थिक बेहतरी कैसे संभव होगी? बजट को उनकी संख्या के अनुपात में कैसे बांटा जा सकेगा? आखिर कौन नहीं चाहता कि देश के संसाधनों में सभी बराबर के हिस्सेदार हो?

तेजस्वी यादव ने कहा कि जातीय जनगणना के लिए राजद हमेशा से लड़ती आई है और आगे भी लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि ये मुद्दा देश के बहुसंख्यक लोगों का है। जिसका मतलब कि लगभग 65 प्रतिशत से ज़्यादा लोग इस वंचित वर्ग में आते हैं। आखिर क्यों मोदी सरकार पिछड़े वर्ग के हिंदुओ की जनगणना नहीं करना चाहती है? क्या ये 70-80 करोड़ लोग जो पिछड़े वर्ग में शामिल हैं वे हिन्दू नहीं हैं?

बता दें कि कुछ समय से तेजस्वी यादव इस मुद्दे पर काफी मुखर रहे हैं। लेकिन बीते दिनों केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद रॉय ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि 2021 में होने वाली जनगणना में केंद्र सरकार सिर्फ Sc/St की जनगणना कराना चाहती है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार का यह निर्णय राजद, जदयू और बिहार के सभी राजनीतिक दलों के खिलाफ है।

 

 

Share:

administrator

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *