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पटना: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने संपत्ति के निजीकरण को लेकर बड़ा फैसला किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 6 लाख करोड़ रुपए की NMP यानी नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन की घोषणा की है। एनएमपी में यात्री ट्रेन, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे, सड़क और स्टेडियम का मोनेटाइजेशन में शामिल किया गया है। सरकार की माने तो बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में निजी कंपनियों को शामिल करके संसाधन जुटाए जाएंगे और इससे संपत्ति का विकास होगा।

बता दें कि सरकार के इस निर्णय के तहत हाइवे, रेलवे और टेलीकॉम जैसी 13 संपत्तियों को निजी हाथों को सौंपा जाएगा। लेकिन केंद्र सरकार का कहना है कि इसका स्वामित्व केंद्र के पास ही रहेगा। केंद्र सरकार के इस निर्णय को लेकर विपक्ष उनपर निशाना साध रहा है। बिहार में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस संबंध में केंद्र सरकार को घेरते हुए ट्वीट किया है। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा-‘केंद्र में बैठे नीम हकीमों ने अच्छी खासी दौड़ रही अर्थव्यवस्था को इतना बीमार कर दिया है कि अब इसका रेंगना भी दूभर हो गया है। अब इसे ज़िंदा रखने के लिए इसी के अंग काट-काटकर देश की संपत्ति ये झोलाछाप निजी हाथों में बेच रहे हैं। आँगन बेचकर किसी तरह घर चलाना कौन सी काबिलियत है,साहब?’ एक और ट्वीट में उन्होंने लिखा-‘भारत एक अत्यंत सामाजिक आर्थिक असमानता वाला देश है।अगर निजी क्षेत्र, जिसका एकमात्र उद्देश्य अधिकाधिक लाभ कमाना होता है, के हाथों में ही सबकुछ बेच दिया जाएगा तो कमजोर वर्गों के हितों की रक्षा कौन करेगा? शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, नौकरी सबकुछ कमज़ोर वर्गों की पहुँच से बाहर हो जाएगा।’ तेजस्वी ने फिर लिखा-‘बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, सामाजिक न्याय आंदोलन के महान विचारक, वंचितों, उपेक्षितों को मुख्यधारा में लाने के लिए जीवनपर्यंत संघर्षरत रहे मंडल आयोग के अध्यक्ष बी.पी मंडल साहब की जयंती पर कोटि-कोटि प्रणाम, शत-शत नमन व विनम्र श्रद्धांजलि।’

बता दें कि केंद्र सरकार के अनुसार नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन के ज़रिए वित्त वर्ष 2022 से 2025 तक केंद्र सरकार की संपत्तियों से 6 लाख करोड़ रुपए निवेश किया जा सकता है। इसके ज़रिए देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार तेज़ हो सकती है। लेकिन विपक्ष केंद्र के इस कदम से खुश नहीं है और वह लगातार इस मामले पर केंद्र को घेर रहा है।

 

 


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