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मुजफ्फरनगर: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 5 सितंबर को संयुक्त किसान मोर्चा ने ऐतिहासिक किसान महापंचायत आयोजित किया। महापंचायत के मंच से किसान नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा का पत्ता साफ कर देने की बात कही। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मौजूदा सरकार पर जमकर निशाना साधा। बता दें कि राकेश टिकैत ने कहा है कि जब तक कृषि कानूनों की वापसी नहीं होती तब तक वे अपने घर नहीं जाएंगे और इसलिए ही अपने ही जिले में हो रही महापंचायत में पहुंचे राकेश टिकैत कार्यक्रम के समापन के बाद अपने गृह जिले में नहीं ठहरे।

राकेश टिकैत महापंचायत खत्म होने के बाद गाजीपुर आंदोलन में शामिल होने के लिए रवाना हो गए। टिकैत ने मीडिया से बात करते हुए महापंचायत को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह सफल रहा। उन्होंने आगे कहा कि इस देश की संसद बहरी हो गई है। नागरिकों को स्वाभाविक रूप से सड़कों पर आना होगा और यह तय करना होगा कि केंद्र सरकार हमारी मांगों को स्वीकार करें। इसके बाद टिकैत ने कृषि क्षेत्र में ताकत दिखाने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि या तो हम सरकार के पक्ष में मतदान करके उन्हें हमारी मांगें मानने के लिए कह सकते हैं या फिर उनके वोट बैंक को कम करके। अब क्योंकि सरकार किसानों की बात नहीं सुन रही है तो हम उनकी चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुंचाएंगे। बता दें कि संयुक्त किसान मोर्चा ने महापंचायत के साथ मिशन यूपी भी लॉन्च कर दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने भाजपा को चुनावी संभावनाओं पर नुकसान पहुंचाने की घोषणा की है। टिकैत ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उत्तर प्रदेश चुनाव नहीं लड़ने चाहिए, उन्हें गुजरात से चुनाव लड़कर किस्मत आज़मानी चाहिए। जब टिकैत से इस बयान का आशय पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात से चुनाव लड़ते हैं तो वे हार जाएंगे। क्योंकि उन्होंने गुजरात को तबाह करते हुए इसे पुलिस राज्य में बदल दिया था। जानकारी हो कि संयुक्त किसान मोर्चा की मुजफ्फरनगर महापंचायत का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के संबंध में भाजपा पर दबाव बनाना है। दरअसल किसानों के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश काफी अहम क्षेत्र है और ऐसे में किसानों द्वारा राजनीतिक संगठन के समर्थन या उसके विरोध में यहां आंदोलन करना विधानसभा चुनावों पर काफी प्रभाव डाल सकता है।

मीडिया द्वारा जब राकेश टिकैत से पूछा गया कि संयुक्त किसान मोर्चा को क्या केंद्र सरकार की तरफ से आधिकारिक या अनौपचारिक माध्यम कोई सन्देश मिला है, तो टिकैत ने कहा कि अभी तो बहुत जल्दी है। कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार ने किसी तरह से बातचीत करने को लेकर कोई सन्देश नहीं दिया है। मालूम हो कि राकेश टिकैत जब कल महापंचायत में पहुंचे थे तो उनका भव्य स्वागत किया गया था। इस दौरान उनकी पत्नी भी मौजूद थीं।

 

 

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