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आजकल आपने सुना होगा की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई अपराधियों पर रासुका यानी NSA लगाने के निर्देश दिए है. CAA के आंदोलन के दौरान भी प्रदर्शनकारियों पर NSA लगाया गया था. NSA का फुल फॉर्म National Security Act  है Hindi में इसे रासुका यानी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून कहते है. NSA के तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम एक साल तक जेल में रखा जा सकता है. क्या है ये राष्ट्रीय सुरक्षा कानून और ये किन परिस्थितियों में लगाया जाता है जानते है विस्तार से                           

NSA Kya Hai ? (रासुका क्या है?)

राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम – 1980, सरकार को देश की सुरक्षा के लिए कुछ अतिरिक्त शक्तियां प्रदान करता है. ये कानून केंद्र और राज्य की सरकारों को किसी भी संदिग्ध नागरिक को देश की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था बनाने के लिए हिरासत में रखने का अधिकार देता है.

NSA कब बना था ?

देश में समय समय पर कुछ नए कानून बनाये जाते है या पुराने कानूनों में संशोधन किया जाता है. ये सारे कानून देश में शांति व्यवस्था बनाए रखने में अहम योगदान अदा करते है. रासुका यानी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून भी इन्ही में से एक है. NSA 23 सितंबर, 1980 को इंदिरा गांधी की सरकार के दौरान बनाया गया था. इस कानून का उद्देश्य देश सरकार को देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त शक्ति प्रदान करना था.

NSA (रासुका) किन नागरिकों पर लगाया जा सकता है?

  • कोई भी व्यक्ति अगर कानून व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने में सरकार या पुलिस के सामने बाधा खड़ी कर रहा है तो उसे रासुका के अंतर्गत हिरासत में लिया जा सकता है. NSA का इस्तेमाल जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, राज्य सरकार अपने सीमित दायरे में भी कर सकते है.
  • अगर सरकार को लगता है कि कोई व्यक्ति देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रहा है तो उसे हिरासत में लिया जा सकता है.
  • कुख्यात अपराधिओं, यौनशोषण करने वालो और दबंगो पर भी रासुका के तहत कार्यवाही की जा सकती है.

रासुका में सजा?

  • NSA यानी रासुका  के तहत किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को बिना किसी आरोप के 12 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है. लेकिन राज्य या केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है की उस व्यक्ति को रासुका के तहत हिरासत में लिया गया है.
  • रासुका के तहत हिरासत में लिए गए व्यक्ति को उनके खिलाफ बिना आरोप तय किए 10 दिनों के लिए हिरासत में रखा जा सकता है. रासुका लगने पर व्यक्ति उच्च न्यायालय के सलाहकार बोर्ड के समक्ष अपील कर सकता है लेकिन उसको किसी वकील करने की अनुमति नहीं है.

किन लोगों पर लग चुका है रासुका?

  • NSA के तहत भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर को कई महीने तक जेल में रखा गया था.
  • सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना करने पर मणिपुर के पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम को जेल में 133 दिन रखा गया था.
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